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पुराना बनाम नया टैक्स रेजीम FY 2026-27: आपके लिए कौन सा बेहतर है?

FY 2026-27 के लिए पुराने और नए इनकम टैक्स रेजीम की पूरी तुलना। टैक्स स्लैब टेबल, उदाहरणों के साथ, और बेहतर विकल्प चुनने का साफ फ्रेमवर्क।

EMIWiz Editorial
28 March 2026 4 min readअपडेटेड 23 May 2026
पुराना बनाम नया टैक्स रेजीम FY 2026-27: आपके लिए कौन सा बेहतर है?

मुख्य बातें

  • FY 2026-27 के लिए नया रेजीम अब डिफॉल्ट है — पुराना चुनने के लिए आपको opt out करना होगा
  • नए रेजीम में ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय 87A rebate के कारण टैक्स-फ्री है
  • सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए ₹75,000 standard deduction के बाद लगभग ₹12.75 लाख gross salary तक टैक्स शून्य हो सकता है
  • नए रेजीम में Standard deduction अब ₹75,000 है (पहले ₹50,000 था)
  • नए रेजीम में टैक्स कैलकुलेशन आसान है और कोई निवेश बाध्यता नहीं

FY 2026-27 के लिए बड़ा बदलाव

Union Budget 2025 में वित्त मंत्री ने नए टैक्स रेजीम को और आकर्षक बनाया:

  • Standard deduction बढ़ाकर ₹75,000 (पहले ₹50,000)
  • Section 87A rebate अब ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय कवर करती है (इससे नीचे टैक्स = शून्य)
  • नया रेजीम अब डिफॉल्ट है — पुराना चाहने वाले कर्मचारियों को घोषणा करनी होगी

नया टैक्स रेजीम स्लैब (FY 2026-27)

| इनकम स्लैब | टैक्स रेट | |-------------|----------| | ₹4,00,000 तक | शून्य | | ₹4,00,001 – ₹8,00,000 | 5% | | ₹8,00,001 – ₹12,00,000 | 10% | | ₹12,00,001 – ₹16,00,000 | 15% | | ₹16,00,001 – ₹20,00,000 | 20% | | ₹20,00,001 – ₹24,00,000 | 25% | | ₹24,00,000 से ऊपर | 30% |

नोट: 87A rebate की वजह से ₹12L तक की कर-योग्य आय टैक्स-फ्री हो जाती है। सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए ₹75,000 standard deduction के कारण लगभग ₹12.75L gross salary तक शून्य टैक्स हो सकता है।

पुराना टैक्स रेजीम स्लैब (FY 2026-27)

| इनकम स्लैब | टैक्स रेट | |-------------|----------| | ₹2,50,000 तक | शून्य | | ₹2,50,001 – ₹5,00,000 | 5% | | ₹5,00,001 – ₹10,00,000 | 20% | | ₹10,00,000 से ऊपर | 30% |

87A rebate: पुराने रेजीम में अगर इनकम ₹5L या उससे कम है तो टैक्स = शून्य।

आमने-सामने: कब कौन सा रेजीम बेहतर?

उदाहरण 1: इनकम ₹8 लाख

| | पुराना रेजीम | नया रेजीम | |--|-----------|-----------| | Gross Income | ₹8,00,000 | ₹8,00,000 | | Standard Deduction | -₹50,000 | -₹75,000 | | 80C कटौतियाँ | -₹1,50,000 | लागू नहीं | | Taxable Income | ₹6,00,000 | ₹7,25,000 | | Rebate से पहले टैक्स | ₹32,500 | ₹16,250 | | 87A rebate | - | -₹16,250 | | कुल टैक्स | ₹33,800 | ₹0 |

→ यहाँ नया रेजीम जीतता है, ₹33,800 से।

उदाहरण 2: इनकम ₹12 लाख (भारी कटौतियाँ)

| | पुराना रेजीम | नया रेजीम | |--|-----------|-----------| | Gross Income | ₹12,00,000 | ₹12,00,000 | | Standard Deduction | -₹50,000 | -₹75,000 | | 80C + HRA + NPS | -₹4,00,000 | लागू नहीं | | Taxable Income | ₹7,50,000 | ₹11,25,000 | | Rebate से पहले टैक्स | ₹62,500 | ₹52,500 | | 87A rebate | - | -₹52,500 | | कुल टैक्स (cess के साथ) | ₹65,000 | ₹0 |

→ यहाँ नया रेजीम जीतता है, ₹65,000 से।

"Break-Even" नियम

हायर इनकम के लिए क्विक mental शॉर्टकट: 2026 के नए स्लैब से मुकाबला करने के लिए पुराने रेजीम में आमतौर पर बड़ी कटौतियाँ चाहिए। ₹12 लाख salary range में 87A rebate के कारण नया रेजीम अक्सर शून्य टैक्स दे देता है।

पुराने रेजीम में आम कटौतियाँ:

  • Standard deduction: ₹50,000
  • 80C निवेश: ₹1,50,000 तक
  • HRA छूट: सैलरी + किराए पर निर्भर
  • 80D (हेल्थ इंश्योरेंस): ₹25,000 तक (सीनियर्स के लिए ₹50,000)
  • NPS (80CCD(1B)): अतिरिक्त ₹50,000
  • होम लोन ब्याज: ₹2,00,000 तक

नया रेजीम किसे चुनना चाहिए?

Freelancers और बिज़नेस ओनर जो HRA क्लेम नहीं कर सकते ✅ करियर की शुरुआत में युवा प्रोफेशनल्स जिनकी कटौतियाँ कम हैं ✅ जिनकी कर-योग्य आय ≤ ₹12 लाख है (नए रेजीम में शून्य टैक्स) ✅ जो सादगी चाहते हैं और टैक्स के लिए निवेश ट्रैक नहीं करना चाहते

पुराने रेजीम में किसे रहना चाहिए?

बड़ी कटौतियों वाले हाई-अर्नर (₹15L+) — HRA, 80C, होम लोन ब्याज ✅ होम लोन वाले लोग — ₹2L तक का ब्याज deduction क्लेम कर सकते हैं ✅ सीनियर सिटीज़न्स जिनके मेडिकल खर्च ज़्यादा हैं (80D ₹1L तक) ✅ सरकारी कर्मचारी जिनके NPS योगदान से 80C + 80CCD दोनों का फायदा मिलता है

रेजीम कैसे बदलें?

  • सैलरीड कर्मचारी: हर फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में HR/नियोक्ता को Form 10-IEA के ज़रिए अपना विकल्प बताएँ (पुराने पर जाना हो तो)
  • बिज़नेस इनकम वाले: पुराने से नए में जीवन में सिर्फ एक बार स्विच कर सकते हैं
  • ITR फाइल करते समय: बिज़नेस इनकम न हो तो हर साल एक बार स्विच कर सकते हैं

हमारा Income Tax Calculator इस्तेमाल करें

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डिस्क्लेमर: टैक्स कानून बदल सकते हैं। Income Tax India वेबसाइट पर नवीनतम दरें चेक करें या CA से सलाह लें। यह कंटेंट एजुकेशनल है।

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EMIWiz Editorial

EMIWiz में फाइनेंस शोधकर्ता। भारत के लिए निवेश, कर और व्यक्तिगत वित्त पर लिखते हैं।